भवन एवं बाला पहल
कला, संस्कृति, लोकाचार, राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने पर रिपोर्ट
विभिन्न विषयों पर विभिन्न चित्रकला प्रतियोगिताएँ समय-समय पर आयोजित की जाती हैं, ताकि लोक कला और संस्कृति के विभिन्न रूपों की स्थिति का पता लगाया जा सके और उनका विश्लेषण किया जा सके।
विद्यार्थियों को विज्ञान, गणित, अंग्रेजी, हिंदी, एस.एस.टी. आदि जैसे विभिन्न विषयों में “कला एकीकृत परियोजनाएँ” बनाने के लिए प्रेरित किया जाता है, ताकि न केवल कक्षा में आनंददायक माहौल बनाया जा सके, बल्कि शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में भारतीय कला और संस्कृति के एकीकरण के माध्यम से भारतीय लोकाचार को आत्मसात किया जा सके।
विद्यालय के विद्यार्थियों ने कला और चित्रकला के विभिन्न और अलग-अलग विषयों पर काम किया, ताकि उनके बीच एक दृष्टिकोण विकसित हो सके, जो शिक्षा और संस्कृति के बीच संबंध को मजबूत करे।
पारंपरिक कला के अभ्यासियों के कौशल को बढ़ाने के लिए तंत्र विकसित करने के लिए “पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता” भी उचित तरीके से आयोजित की जाती है।
राष्ट्रीय एकीकरण देश को एक बनाने में एक गतिशील भूमिका निभाता है। पारंपरिक चित्रकला से संबंधित विषयों पर “दीवार चित्रकला” गतिविधि छात्रों को संस्कृति की समृद्ध विरासत को समझने और उसका महत्व बताने के लिए आयोजित की जाती है, जो हमारे देश की विविध भाषाओं, परंपराओं और धर्मों के बावजूद एकता को बनाए रखती है।